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Sunday, September 24, 2017

मां मेरे भी सर सर पे अपना हाथ रख दे

या देवी सर्वभूतेषु शक्तिरूपेण संस्थिता । 
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
   "सदा भवानी दाहिनी सन्नमुख रहत गणेश, पांच देव रक्षा करें बह्मा, विष्णु, महेश"
 सबसे पहले सभी देशवासियों, पाठकों  को नव रात्री पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं ।
आप सबको मालुम है नवराता नौ दिन तक चलता हैं और इन नौ दिनों में माता के अलग अलग नौ रूपों की पूजा की जाती हैं जिसकी पोस्ट मै। पहले लिख चुका हुं।  इन  नौ दिनों में सभी माता भक्तों के मुंह पर माता के जयकारे रहते हैं और मन्दिरों के अलावा घर घर में माताएं बहने सभी नवरात्रा घट स्थापना करते हैं और नौ दिनों तक माता की पूजा अर्चना करते हैं तथा व्रत रखकर माता से मन मांगा वर पाते हैं

हर वर्ष की भातिं इस वर्ष भी बगड़ नगर में माता भवानी के दरबार सजाये गयें है। वैसे तो लगभग हर घर में माता की घट स्थापना हो रही हैं लेकिन मुख्य रूप से बगड़ में अब की बार तीन के स्थान पर छः जगह मन्दिरों में माता के दरबार सजाये गये है। जिनमें दो पहले हर वर्ष सजाये जाते रहे हैं 1 तो बगड़ के पुराने दुर्गा मन्दिर,

 दुसरे फतेहसागर तालाब के पास और इस बार छटी बार  खटीकान मौहल्ला के  अलावा नई जगह  निर्मल मौहल्ला जाटाबास में भी मां भवानी का दरबार सजाया गया। पहले नवराते के दिन कलश यात्रा के द्वारा बगड़ में की गई घट और मां की मूर्ति स्थापना कलश यात्रा भव्य रैली में बगड़ की माताएं बहने अपने सर पर रंगोली से सुसज्जित कलश रखकर बगड़ की गलियों में चक्कर लगाकर माता के भजनों पर डीजे के साथ नाचते गाते घट स्थापना कर दरबार सजानें में चार चांद लगा रही हैं माता के आशीर्वाद को पाने के लिए हमारा बगड़ नगर कैसे दूर रह सकता है।  बगड़ के पश्चिम दिशा में फतेह सागर तालाब के पास भी माता का भव्य दरबार सजाया गया हैं और यहां नौ दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ साथ मृदुल भजन सध्या का आयोजन किया जायेगा। आज इन तीनों  ही जगह सेकड़ों माता भक्तों ने आज माता के दरबार में अपना मत्था टेक मां से अभयदान, सुख समृद्धि, और अमन- चैन  मुराद मांगी।
आरती के समय फतेह सागर तालाब पर स्थित दरबार में काफी संख्या में भक्त जन इकट्ठा होत  है।





दुर्गा माता के आरती कर्ता पुजारी जी के साथ माता का आशीर्वाद लेते हुए  
मैं मेरे मित्र शंकर लाल योगी के साथ माता के दर्शनों लाभ उठाने गया था
माता का प्रसाद गृहण करते हुए
  मैने भी इन जगह जाकर माता के भजनों व दर्शनों का अनुपम लाभ उठाया
हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मुझे भी माता की आरती में जाने का सौभाग्य मिला  
मैने माता की आरती के फोटो औ आरती की विडियों बनाई जो आपके साथ शेयर कर रहा हूं। 

आपके पढ़ने लायक यहां भी है।

कानो सुनी को होते देख लिया बुंदिया बाबा बगड़

वाघा (बाघा) बार्डर परेड,अमृतसर

अमृतसर, स्वर्ण मंदिर दर्शन

घुमंत् फिरत चलो मां वैष्णो देवी के दरबार

अन्दाज अपना-अपना (मानव जाति के शौकीन आधुनिक पूर्वज)

मायड़ भाषा राजस्थानी री शान बढ़ावण हाळा ब्लॉग

लक्ष्य

Tuesday, September 5, 2017

क्या आज का शिक्षक गुरु कहलाने लायक है? शिक्षक दिवस

आज  हम आये दिन न्यूज़ में देखते है फलां स्कूल में फलां शिक्षक ने स्कूल की छात्रा केसाथ किया  शर्मनाक ,गलत काम गाव वालो ने की पिटाई या शिक्षक लापता आये दिन ऐसे भेड़ियों की तस्वीरे शोशल मीडिया पर वायरल होती रहती है  इनके बारे में क्या लिखूं इनकी चर्चा करते हुए भी शर्म आती है ये पूरे गुरु समाज को कलंक लगते है बेचारे भले गुरुवो को भी शर्म आती है इनके करतूत देख कर ओर शिक्षा के मामले में ये कितने विद्वान है ये भी आपको बताने की जरूरत नही है आप इनके इंटरवयू के वीडियो फेस बुक ओर व्हाट्सअप पर देखते ही है इनको देश की राजधानी का नाम तक मालूम नही ओर तो कइयों को तो अपने मुख्यमंत्री का नाम तक नही मालूम लिखने में तो इनका कोई जबाब नही इनको ABCD की स्पेलिंग तक नही लिखनी आती शुद्ध पढ़ना तक नही आता और ये सरकार से  तनख्वा लेते है 30 हजार लानत है ऐसी सरकार पर जो रिश्वत ले कर ऐसे शिक्षक भर्ती कर लेती है  अगर इन गन्दे भेडियो के सबूत चाहिए तो मेरे से मांग लेना मेरे पास पिछले दिनों आये सभी वीडियो और फोटोज ऑडियो मैजूद है पर मै यहां डाल नही रहा क्योकि आप सभी ने वो देखे भी है और मैं ऐसे गन्दे लोगो के लिए अपना स्पेश अपना ब्लॉग गन्दा नही रखना चाहता अगर किसी को चाहिए तो प्रशनल ले सकता है इन्हें हटाना ओर सजा दें सरकार की ज़िमेदारी है पर वो छूट पुट सजा देकर फिर बहाल दक देती है
खैर मैं भी कहा इन भेडियो के चक्कर मे सुबह सुबह अपना दिमाक खराब कर रहा हु
अब बात करते है उन शिक्षकों को जो आज भी सही मायने में गुरु शब्द की महिमा बनाये रखे हुए है चाहये तादाद में कम ही ही पर है तो सही और आज 5 सितम्बर है शिक्षक दिवस है मेरी तरफ से मेरे उन सभी गुरुजनो को चरणवन्दन
गुरु की वंदना में उन महान संत कबीर दास जी के कुछ दोहे याद आ गए जिन्होंने आज से कई सालों पहले गुरु की महिमा को चित्रित किया था गुरु को सर्वश्रेष्ट का दर्जा दिया था हालांकि आज कल कुछ गुरु समाज और गुरु नाम पर कंलक लगा रहे है मेरा उनसे अनुरोध है सुधर जावो ओर गुरु शब्द की महिमा को समझो कि गुरु क्या है?

गुरुः साक्षात्परब्रह्मा तस्मै श्री गुरुवे नमः
गुरुर ब्रह्मा गुरुर विष्णु गुरुर देवो महेश्वरः
गुरू गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय।
बलिहारी गुरू अपने गोविन्द दियो बताय।।
गुरू बिन ज्ञान न उपजै, गुरू बिन मिलै न मोष।
गुरू बिन लखै न सत्य को गुरू बिन मिटै न दोष।।
गुरू पारस को अन्तरो, जानत हैं सब संत।
वह लोहा कंचन करे, ये करि लेय महंत।।
गुरू कुम्हार शिष कुंभ है, गढि़ गढि़ काढ़ै खोट।
अन्तर हाथ सहार दै, बाहर बाहै चोट।।
शिक्षक दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाये

आपके पढ़ने लायक यहां भी है। 

कानो सुनी को होते देख लिया बुंदिया बाबा बगड़

लोकदेवता जाहरवीर गोगाजी महाराज

स्वतंत्रता दिवस और जन्माष्टमी की हार्दिक बधाईयां


खेजड़ी वृक्ष की महिमा जो आज खतरे में है....

राजस्थान का गौरव कल्प वृक्ष कहा जाने वाला वृक्ष खेजड़ी (जांटी) है खतरे में ??

शेखावाटी का प्रसिद्ध रसदार खाद्य फल,पील

हीरा तो चमके बाळू रेत म।

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